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Monday, October 26, 2020

 

इस वर्ष का दशहरा

कोविद नाईनटीन का रावन जला दशहरा मैदान में

पर ज्यादा लोग देख नहीं पाए इस आयोजन को

घर से ही दुआ की  अब फिर पलट कर ना आए ऐसी घड़ी

छोटी सी सवारी आई थी रावण के  दहन को

बिना धूमधाम के चुपके से रावण दहन कर चली गई |

बच्चे मेला देखने की जिद्द करते रहे पर कोई नहीं ले गया

कुछ रोए कुछ बहकावे में आए पर वहां पहुँच ना पाए

अगले साल का वादा लिया और जैसे तैसे उनसे पीछ छुडाया

 न जाने कल क्या  होगा किसे पता दुनिया तो आज पर जीती है |

ऐसा उदासी भरा हमने तो कभी देखा नहीं त्यौहार

बस बीती  यादों में खोए रहे

और आज को दुखी मन से भूलने की कोशिश में लगे रहे |

आशा  

 

        

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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