*साहित्य प्रेमियों का एक संयुक्त संघ...साहित्य पुष्पों की खुशबू फैलाता हुआ*...."आप अपनी रचना मेल करे अपनी एक तस्वीर और संक्षिप्त परिचय के साथ या इस संघ से जुड़ कर खुद रचना प्रकाशित करने के लिए हमे मेल से सूचित करे" at contact@sahityapremisangh.com पर.....हम आपको सदस्यता लिंक भेज देंगे.....*शुद्ध साहित्य का सदा स्वागत है*.....

Followers

Thursday, August 13, 2020

Fwd:



---------- Forwarded message ---------
From: madan mohan Baheti <baheti.mm@gmail.com>
Date: Fri, 31 Jul 2020 at 7:53 AM
Subject:
To: baheti.mm.t. <baheti.mm.tara1@blogger.com>, <baheti.mm.tara2@blogger.com>, <baheti.mm.tara4@blogger.com>, Ram Dhall <dhall.ram@gmail.com>, <kalampiyush@hotmail.com>, <kamal.hint@gmail.com>, navin singhi <navinsudha@gmail.com>, Rakesh Sinha <rakesh.sinha2407@gmail.com>, Ritu Baheti <ritubaheti@gmail.com>, Siddharth shanker jha <siddharthsjha@gmail.com>, Vanesa Míguez Agra <vmagra@gmail.com>, A.K. Khosla <ak19711@gmail.com>, Dr. Prakash Joshi <drjoship52@gmail.com>, Dwarka Baheti <dwarkabaheti1@gmail.com>, Jagdish Baheti <bahetijagdish1@gmail.com>, Sumit Bhartiya <skbH2000@gmail.com>, Vinita Lahoti <vinita.lahoti1@gmail.com>


तुम भी रिटायर हम भी रिटाय
---------------------------------

हुये तुम रिटायर, है हम भी रिटायर
मगरअब भी जिन्दा,दिलों में है 'फायर '

हुए साठ के और ,रिटायर हुए हम
मगर फिटऔरफाइन,जवानी है कायम
उमर बढ़ गयी पर ,नहीं तन  ढला  है
है  चुस्ती  और फुर्ती ,बुलंद होंसला है
 अधिक काबलियत ,अनुभव बढ़ा है
मगर फिर भी जीवन ,गया गड़बड़ा है
नहीं कोई करता ,हमें 'एडमायर '
हए तुम रिटायर ,है हम भी रिटायर

निठल्ले से बैठे ,समय काटते अब
बेवक़्त ही ,फालतू  बन  गए सब
कोई पोते पोती को अपने घुमाता
कोई दूध सब्जी ,सवेरे जा लाता
 किसी  ने नयी नौकरी ढूंढ़ ली  है
कदर सबकी घर में ,कम हो चली है
डटे रहते फिर भी ,नहीं है हम कायर
हुए हम रिटायर ,हो तुम भी रिटायर

कोई वक़्त काटे ,करे बागवानी
सुबह शाम गमलों में ,देता है पानी
कोई टी वी देखे ,है चैनल बदलता
मोबाईल से अपने ,रहे कोई चिपका
कोई 'सोशल सर्विस ',लगा अब है करने
धरम की किताबें ,लगा कोई पढ़ने
कोई ब्लॉग लिखता ,बना कोई शायर
हुए तुम रिटायर ,है हम भी रिटायर

मदन मोहन बाहेती 'घोटू '


No comments: