*साहित्य प्रेमियों का एक संयुक्त संघ...साहित्य पुष्पों की खुशबू फैलाता हुआ*...."आप अपनी रचना मेल करे अपनी एक तस्वीर और संक्षिप्त परिचय के साथ या इस संघ से जुड़ कर खुद रचना प्रकाशित करने के लिए हमे मेल से सूचित करे" at contact@sahityapremisangh.com पर.....हम आपको सदस्यता लिंक भेज देंगे.....*शुद्ध साहित्य का सदा स्वागत है*.....

Followers

Monday, June 29, 2020

हम विपक्ष है

सत्तारूढ़ कोई भी दल हो
यही चाहते ,सदा विफल हो
तोड़फोड़ कर कोशिश करते ,
जैसे  तैसे  वो  निर्बल हो

हरदम रहते इस तलाश में
कोई मुद्दा  लगे हाथ में
नहीं चैन से बैठ सकें हम ,
उलझे रहते खुराफात में

जब भी थोड़ा मौका पाते
सत्ता सर सवार हो जाते
बुला प्रेस टीवी वालों को ,
हाय  तोबा बहुत मचाते

मौसम का रुख देखा करते
तब ही पासे  फेंका करते
कैसे भी माहौल गरम कर ,
अपनी रोटी  सेंका  करते  

आरोपों  प्रत्यारोपों में ,
हम प्रवीण है ,बड़े दक्ष है
              हम विपक्ष है  
हमने भी भोगी है सत्ता
किन्तु कट गया जबसे पत्ता
नहीं पूछता अब कोई भी ,
हालत खस्ता है, अलबत्ता

इसीलिये है हम चिल्लाते
टी वी ,पेपर में दिखलाते
ताकि बने रहे चर्चा में ,
लोग यूं ही ना हमें भुलादे

सत्तादल से लेते पंगा
बात बात में अड़ा अड़ंगा
खोल हमारी करतूतों को ,
वो  जब हमको करते नंगा

ऐसे दिन आये है ग़म के
सूखे श्रोत सभी इनकम के
चलती जब सत्ता की खुजली ,
हम रहते है दमके दमके

कैसे फिर हथियायें सत्ता ,
अपना तो बस यही लक्ष है
                 हम विपक्ष है

मदन मोहन बाहेती 'घोटू '

No comments: