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Wednesday, February 26, 2020

विडंबना
  कार ली,मंदिर गए,स्वस्तिक लगा,की आरती,
  नज़र ना कोई लगे,पंडितजी पूजा कर गए
नीबुओं पर नज़र ऐसी लगी नूतन कार की,
दब के नीचे,टायरों के,चार नीबू मर गए
घोटू

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