*साहित्य प्रेमियों का एक संयुक्त संघ...साहित्य पुष्पों की खुशबू फैलाता हुआ*...."आप अपनी रचना मेल करे अपनी एक तस्वीर और संक्षिप्त परिचय के साथ या इस संघ से जुड़ कर खुद रचना प्रकाशित करने के लिए हमे मेल से सूचित करे" at contact@sahityapremisangh.com पर.....हम आपको सदस्यता लिंक भेज देंगे.....*शुद्ध साहित्य का सदा स्वागत है*.....

Followers

Friday, February 28, 2020

रिश्ते

पोषक माँ के दूध सा ,गाय दूध बतलाय
शायद है कारण यही ,गौ माता कहलाय
गौ माता कहलाय ,मगर ये समझ न आता
आसमान में चन्दा ,मामा क्यों कहलाता
गौ माँ ,चंदा मामा ,बात समझ ना आती
किस रिश्ते से फिर बिल्ली मौसी कहलाती

घोटू 

No comments: