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Thursday, December 5, 2019

लोग है कितने सयाने हो गये


लाभ हानि देखते हर काम में ,लोग है कितने सयाने हो गए
दिख न पाता  सूर्य सुबहोशाम का ,काम में इतने दीवाने हो गए
प्रेमपत्रों का जमाना लद गया , शुरू अब ई मेल आने हो गए
मैं और मेरी दुनिया ही संसार है ,बाकी सब रिश्ते अजाने हो गए
गूंथें थे ,शोभित गले  का हार थे ,ऐसे बिखरे दाने दाने हो गए
शहर में दो रूम का एक फ्लेट है ,गाँव के बंगले बिराने हो गए
 चाचा मामा ताऊ सब अंकल बने ,बाकी सब रिश्ते पुराने हो गए
नहीं फुर्सत मिलने की ,माँ बाप से ,सैंकड़ों ही अब बहाने हो गए
'घोटू 'कुछ अनजान तो अपने बने ,और अपने अब बेगाने हो गए

मदन मोहन बाहेती 'घोटू '

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