*साहित्य प्रेमियों का एक संयुक्त संघ...साहित्य पुष्पों की खुशबू फैलाता हुआ*...."आप अपनी रचना मेल करे अपनी एक तस्वीर और संक्षिप्त परिचय के साथ या इस संघ से जुड़ कर खुद रचना प्रकाशित करने के लिए हमे मेल से सूचित करे" at contact@sahityapremisangh.com पर.....हम आपको सदस्यता लिंक भेज देंगे.....*शुद्ध साहित्य का सदा स्वागत है*.....

Followers

Wednesday, October 30, 2019

लक्ष्मी पूजन और आतिशबाजी

उन्होंने वायु प्रदूषण से बचने लिए,
 मुंह पर 'मास्क 'बाँध रखा था ,
ध्वनि प्रदूषण से बचने के लिए ,
कानो में 'इयर प्लग ' थे
पर धार्मिक परम्पराओं को निभाने के ,
उनके ख्यालात गजब थे
वातावरण, बिगड़े तो बिगड़े
प्रदूषण ,बड़े तो बड़े
पर हम आतिशबाजी जलाने की ,
जिद पर रहेंगे अड़े
हमें अपनी परम्पराये ,
निभानी तो निभानी ही है
लक्ष्मी पूजन के बाद ,आतिशबाजी ,
जलानी तो जलानी ही है ,
मोमबत्ती हाथ में ले ,
आतिशबाजी में आग लगाते थे
और डर  के मारे दूर भाग जाते थे
क्योंकि वो आग और धुवें से घबराते थे
जाने क्यों उनकी समझ में ,
ये बात नहीं थी आती
जिस तरह आतिशबाजी के डर से
वो दूर भाग जाते है
उसी तरह इस शोर शराबे से डर कर ,
आती हुई लक्ष्मी जी भी है भाग जाती

घोटू 

No comments: