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Thursday, July 25, 2019

मात शारदे

मात  शारदे !
मुझे प्यार दे
वीणा वादिनी ,
नव बहार दे

मन वीणा को ,
झंकृत  कर दे
हंस वाहिनी ,
ऐसा वर दे
सत पथ अमृत ,
मन में भर दे
बुद्धि दायिनी ,
नव विचार दे
मात शारदे !
 
ज्ञान सुधा  की ,
घूँट पिला  दे
प्रेम भाव का ,
जलज खिला दे
नयी चेतना ,
मन में ला दे
डगमग नैया ,
लगा पार दे
मात शारदे !

भटक रहा मैं ,
दर दर ओ माँ
नवप्रकाश दे ,
तम हर  ओ माँ
नव लय  दे तू ,
नव स्वर ओ माँ
ज्ञान सुरसरी ,
प्रीत धार दे
मात शारदे !

मदन मोहन बाहेती 'घोटू '

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