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Sunday, March 10, 2019

अलग उनको कर  दिया

घर के बर्तन चमचमाते ,आये कितने काम में ,

         मोच खा ,जब थे पुराने ,अलग उनको कर   दिया

जब तलक मतलब था हमसे ,काम वो  लेते रहे ,

         और  फिर कोई बहाने ,अलग   हमको  कर दिया

हम ने उनके   गुलाबी रुखसार को सहला दिया ,

          लगी वो नखरे दिखाने ,अलग हमको  कर दिया

होली के दिन पहनने में काम ये आ जायेंगे ,

           हुये जब कपडे पुराने ,अलग उनको कर दिया

बोखे मुंह से ,हमने चुम्बन ,अपनी बुढ़िया का लिया ,

        दांत नकली ना   चुभाने ,अलग  उनको कर  दिया

 छेद थे बनियान में,पर रखा सीने से लगा ,

           फटा कुरता ,ना दिखाने ,अलग उसको कर दिया

जिनको उनने , पाला पोसा  ,पेट अपना काट कर ,

            लगे जब खाने कमाने ,अलग उनको कर दिया

पाँव छूने और छुलाने की गए बन चीज वो ,

             हुए जब माँ बाप बूढ़े ,अलग उनको  कर  दिया

ये जमाने का चलन है ,क्यों दुखी होते हो तुम ,

              हुए तुम फेशन पुराने ,अलग तुमको कर दिया

               

 मदन मोहन बाहेती'घोटू'

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