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Tuesday, November 6, 2018

दीवाली का दीपक

ऐ नन्हें से प्यारे दीपक! दिल को बहुत लुभाता है तू।

छोटी सी हस्ती  है तेरी,
पर कितनी मस्ती है तेरी,
स्नेह में जलकर जीवन की, सच्ची राह दिखाता है तू।
ऐ नन्हें से प्यारे दीपक! दिल को बहुत लुभाता है तू।

घर घर का शृंगार है तू।
हर दिल का दिलदार है तू।
अपनी अंतिम साँसों तक, अपना सर्वस्व लुटाता है तू।
ऐ नन्हें से प्यारे दीपक! दिल को बहुत लुभाता है तू।

जगमग सारा जग करता है।
जब तू मिलकर पग धरता है।
बिखरी बिखरी मानवता में, मीठी आस जगाता है तू।
ऐ नन्हें से प्यारे दीपक! दिल को बहुत लुभाता है तू।

ऐ नन्हें से प्यारे दीपक! दिल को बहुत लुभाता है तू।

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हृदय के इन उद्गारों और मीठी मीठी आशाओं के साथ मेरी तरफ़ से सभी मित्रों, भाइयों एवं बहनों को दीवाली की बहुत बहुत बधाई।

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