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Friday, September 28, 2018

चार पंक्तियाँ-४ 

लाख छुट्टियां काटो ,फाइव स्टार  होटल में ,
सुकून तो अपने घर ,जाकर ही मिलता है  
पचीसों व्यंजन का ,बफे डिनर खालो पर ,
चैन अपने घर  रोटी ,खाकर ही मिलता है 
म्यूजिक के बड़े बड़े ,कन्सर्ट तुम सुन लो पर ,
असली मज़ा ,बाथरूम में ,गाकर ही मिलता है 
रंग बिरंगी परियां, बहलाती मन ,पर सुख तो ,
 बीबी की बाहों में ,आकर ही मिलता है 

घोटू 

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