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Friday, September 7, 2018

श्री गणेश उचावः 

एक रिटायर हुए सज्जन 
कर रहे थे गणपति बप्पा का आराधन 
'हे बप्पा ,मै अब हो रहा हूँ रिटायर 
अपनी संतानो पर रहूंगा निर्भर 
तू उन्हें इतनी सदबुद्धि दे 
कि वो अपने माँ बाप का ख्याल रखे 
गणपति बप्पा बोले वत्स ,
ये संसार का नियम सदा से चला आता है 
ज्यादा दिनों तक किसी का रहना ,
किसी को भी नहीं सुहाता है 
तुम्ही मुझे बप्पा बप्पा कह कर 
बड़े प्रेम से पूजते हो पर 
डेढ़ दिन या तीन दिन ,
या ज्यादा से ज्यादा दस दिन में 
मुझे विसर्जित देते हो कर 
माँ का भी, नवरात्रों में ,
नौ दिन तक ही करते हो पूजन 
और फिर कर देती हो ,
उसका भी विसर्जन 
तो जब हम देवताओं के साथ ,
आदमी का ऐसा  व्यवहार है 
तो ज्यादा दिन टिकने पर ,
अगर होता तुम्हारा तिरस्कार है 
तो तुम्हे इसके लिए रहना होगा तैयार 
क्योंकि बड़ा प्रेक्टिकल होता है ये संसार 

मदन मोहन बाहेती'घोटू'  

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