*साहित्य प्रेमियों का एक संयुक्त संघ...साहित्य पुष्पों की खुशबू फैलाता हुआ*...."आप अपनी रचना मेल करे अपनी एक तस्वीर और संक्षिप्त परिचय के साथ या इस संघ से जुड़ कर खुद रचना प्रकाशित करने के लिए हमे मेल से सूचित करे" at contact@sahityapremisangh.com पर.....हम आपको सदस्यता लिंक भेज देंगे.....*शुद्ध साहित्य का सदा स्वागत है*.....

Followers

Wednesday, April 18, 2018

बदलते फैशन 

पहले जब साड़ी चलती थी ,तो फैशन में था कटि दर्शन 
फिर उघड़ी पीठ प्रदर्शन का ,पॉपुलर बहुत हुआ फैशन 
फिर ब्लाउज हुए बहुत 'लौ कट 'कुछ बोट शेप के गले चले 
फिर 'ब्रा' पट्टी को दर्शाते ,फैशन पर लोग बहुत  फिसले 
अब बाहें ढकती बाजू को ,होता कंन्धों का  दर्शन  है 
दो गोरे उभरे कंधों को ,दिखलाने का अब फैशन  है 
ये तो ऊपर की बात हुई ,अब नीचे के फैशन देखो 
पहले ऊपर से नीचे तक ,साड़ी ढकती थी तन देखो 
फिर ऊंचा होकर साड़ी ने ,था 'मिनी साड़ी 'का रूप धरा 
पूरी पिंडली को दर्शाता ,स्कर्ट बहुत था चल निकला 
यह स्कर्ट भी फिर हुआ मिनी और 'हॉट पेन्ट 'का युग आया 
जांघें उघाड़ ,नारी ने कदली स्तम्भों को था दिखलाया 
पूरे साइड से कटे हुए ,कुछ लम्बे चोगे फिर आये 
जो चलने पर,इत  उत उड़ कर ,टांगों की झलकें दर्शाये  
वस्त्रों का बोझ घटाते है ,नित नित बदलाते  फैशन है 
तन का हर भाग दिखाने को ,देखो कैसा पागलपन है 

घोटू 

No comments: