*साहित्य प्रेमियों का एक संयुक्त संघ...साहित्य पुष्पों की खुशबू फैलाता हुआ*...."आप अपनी रचना मेल करे अपनी एक तस्वीर और संक्षिप्त परिचय के साथ या इस संघ से जुड़ कर खुद रचना प्रकाशित करने के लिए हमे मेल से सूचित करे" at contact@sahityapremisangh.com पर.....हम आपको सदस्यता लिंक भेज देंगे.....*शुद्ध साहित्य का सदा स्वागत है*.....

Followers

Monday, January 30, 2017

घोटूजी का टेक्स प्रपोजल

घोटूजी के टेक्स के ये कुछ प्रपोजल है किये
टेक्स फ्री हो सपने सारे ,जितने चाहे,देखिये
टेक्स फ्री हो दोस्ती  पर दुश्मनी पर टेक्स हो
छूट नेकी पर मिले ,लेकिन बदी  पर टेक्स हो
टेक्स आंसू पर लगाओ तो फिर होगा हाल ये
बहने  ना देंगे ,बचा कर, सब रखेंगे  माल  ये
टेक्स गुस्से पर लगाओ,झगड़े की जड़ है यही
दबाया जो ,लोगों ने तो ,मुश्किलें  होगी  नहीं 
टेक्स फ्री कर दो हंसी को ,मुस्कराना भी  फ्री
फ्री दिल का लेना देना ,दिल लगाना भी फ्री 
रूठने पर टेक्स हो  पर मनाने पर छूट हो
साल में दो बार मइके जाने पर भी छूट हो
पत्नीकी फरमाइशों को ,कोई  जब पूरा करे
इसके पहले जरूरी है,साठ प्रतिशत कर भरे
फायदा  ये  ,पत्नी की फरमाइशें घट जायेगी
रोज की किचकिच  कलह फिर घरों से हट जायेगी
टेक्स फ्री बदसूरती हो ,टेक्स ब्यूटीफुल   भरे
औरतें खुद  इसके खातिर ,अपना आलंकन करे
नाज़ और नखरों पे भी ,थोड़ा नियंत्रण चाहिए
बीस प्रतिशत कम से कम ,सरचार्ज लगना चाहिए 
कौन ज्यादा टेक्स दे ,यह कॉम्पिटिशन बढ़ेगा
फिर तो सरकारी खजाना ,चुटकियों में भरेगा

मदनमोहन बाहेती'घोटू'

No comments: