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Monday, September 28, 2015

चक्कर चुनाव का

    चक्कर चुनाव का

खुद आये है हार पहन कर ,
और कहते है हमें जिता  दो
हाथ जोड़ मनुहार कर रहे,
अबके नैया पार लगा दो
पार्टी और न निशान देखिये
बस काबिल इंसान  देखिये
प्रत्याशी की भरी भीड़ में,
कोई भी इन सा न देखिये
इधर उधर की तुम सोचो मत
बस हमको दे दो अपना मत
और किसी को मत,मत देना ,
मत दो हमें,बढ़ाओ हिम्मत
ये तुम्हारा वोट नहीं है ,
ये तो एक 'बोट '  है भैया
इस चुनाव के भवसागर को,
पार कराएगी  ये  नैया
मत दे,मतलब पूरा कर दो,
हमे जीत उपहार दिला  दो
हाथ जोड़ मनुहार कर रहे ,
प्यार दिखा कर ,पार लगा दो

घोटू

          

1 comment:

Kavita Rawat said...

एक बार हो गयी इनकी नैया पार,
फिर देखो कैसे जनता हो जाती हैं बेकार