*साहित्य प्रेमियों का एक संयुक्त संघ...साहित्य पुष्पों की खुशबू फैलाता हुआ*...."आप अपनी रचना मेल करे अपनी एक तस्वीर और संक्षिप्त परिचय के साथ या इस संघ से जुड़ कर खुद रचना प्रकाशित करने के लिए हमे मेल से सूचित करे" at contact@sahityapremisangh.com पर.....हम आपको सदस्यता लिंक भेज देंगे.....*शुद्ध साहित्य का सदा स्वागत है*.....

Followers

Friday, July 31, 2015

तर्क



जो तर्क करने को तैयार न हो 
वह अंधविश्वासी ,जो तर्क न कर सके 
वह मूर्ख ,और जिसमें तर्क करने का 
सहस ही न हो वह गुलाम है. 

No comments: