*साहित्य प्रेमियों का एक संयुक्त संघ...साहित्य पुष्पों की खुशबू फैलाता हुआ*...."आप अपनी रचना मेल करे अपनी एक तस्वीर और संक्षिप्त परिचय के साथ या इस संघ से जुड़ कर खुद रचना प्रकाशित करने के लिए हमे मेल से सूचित करे" at contact@sahityapremisangh.com पर.....हम आपको सदस्यता लिंक भेज देंगे.....*शुद्ध साहित्य का सदा स्वागत है*.....

Followers

Friday, May 15, 2015

मॉडर्न आशीर्वाद

          मॉडर्न आशीर्वाद

झुक कर ,छूकर के चरण कहा ,पोती ने ये दादी माँ से
दो ऐसा आशीर्वाद मुझे, जीवन गुजरे ,सुख ,सुविधा से
क्या आशीर्वाद इसे मैं दूँ, दादी  के  मन , असमंजसता
'दूधों नहाओ और पूतों फलो ',ये आशीर्वाद न अब फलता
है  श्राप सृदश्य ,कहूँ यदि हो,'अष्ठम  पुत्रम  सौभाग्यवती
दूँ आशीर्वाद  इस  तरह  का   , मेरी ना  मारी गयी   मती 
इसलिए  एकदम ,मैं  मॉडर्न , देती हूँ आशीर्वाद   तुझे
स्मार्ट  फोन की  तरह मिले, जीवनसाथी ,स्मार्ट  तुझे
जो हरदम साथ रहे तेरे  और पूरी  तेरी  हर  चाह करे
ऊँगली के नाच  इशारों पर ,तुझ संग जीवन  निर्वाह करे

मदन मोहन बाहेती'घोटू'

No comments: