*साहित्य प्रेमियों का एक संयुक्त संघ...साहित्य पुष्पों की खुशबू फैलाता हुआ*...."आप अपनी रचना मेल करे अपनी एक तस्वीर और संक्षिप्त परिचय के साथ या इस संघ से जुड़ कर खुद रचना प्रकाशित करने के लिए हमे मेल से सूचित करे" at contact@sahityapremisangh.com पर.....हम आपको सदस्यता लिंक भेज देंगे.....*शुद्ध साहित्य का सदा स्वागत है*.....

Followers

Monday, October 27, 2014

हुस्नवाले

    हुस्नवाले

नज़र उठाते ,तो सबको कर देते घायल
नज़र झुकाते तो हामी का देते सिग्नल
हुस्नवालों ने भी ये कैसी अदा पायी है
मन में तो'हाँ' है ,मुंह पर मनाही  है
बड़ा अजीब होता हसीनो का है ये चलन
कत्ल भी करते है,चेहरे पे नहीं लाते शिकन 
नजाकत और जलवे बेमिसाल होते है
ये हुस्नवाले भी सचमुच कमाल होते है 
घोटू

No comments: