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Sunday, May 18, 2014

यह परिवर्तन सिर्फ परिवर्तन के लिए ही नहीं

          कैसा परिवर्तन 


 सभी लोग कह रहे हैं परिवर्तन जरुरी था,पर मैं कह रही हूँ कि यह परिवर्तन सिर्फ परिवर्तन के लिए ही नहीं जरुरी था बल्कि देश को एक ऐसे राजनेता की जरुरत थी जो प्रखर वक्ता हो जिसके पास कुशल नेतृत्व की क्षमता हो जो दूरदर्शी हो जिसके व्यक्तित्व में वो सारी खूबियां हो जो किसी को झुकाने की ताकत रखता हो जो प्रभाव शाली छाप छोड़ता हो क्या मौनी बाबा में इसका रंच मात्र भी अंश था ,परिवर्तन के लिए क्या माया,मुलायम,लालू,ममता भी स्वीकार्य होते देश वासियों को ,नहीं इस परिवर्तन में सिर्फ भाजपा और मोदी को ही उतारना था हिंदुस्तान के पटल पर,शायद इसीलिए समूचा देश इस परिवर्तन की नदी का आनंद ले रहा है अथाह जनसमूह के मताधिकार के सागर में खुशियों की डुबकी लगा रहा है । एक बात और ना तो सियासत वालों का जनाधार खिसका है ना ही किसी का वोट बैंक खिसका है बल्कि आमूल परिवर्तन हुआ है उनमें जो भाजपा को दिल से तो चाहते थे पर घर में बैठकर ,उनपे बहस तो करते थे पर टी.वी. के सामने ,भाजपा को चाहने वाले घरों में बैठकर राजनीतिक विश्लेषण करते थे घर से निकलकर वोट नहीं देने जाते थे ,अबकी लोग घरों से निकलकर उत्साह से भाजपा को मन से वोट दिए हैं जिसका परिदृश्य सामने है भाजपा को चाहने वाले भी जाति-पाँति की राजनीति नहीं करते ,अन्यथा यह करिश्मा बहुत पहले हो गया होता ,विरोधी पार्टियों ने भाजपा को,मोदी को सांप्रदायिक कह-कह कर पुरे हिंदुस्तान को जगा दिया,बार-बार गोधरा काण्ड का हवाला देकर भड़काने की साजिशें रचते रहे ,आख़िर लाखों करोड़ों लोग  कब तक यह सहते ।गोधरा कांड के साथ-साथ क्यों नहीं उस ट्रेन हादसे का भी वर्णन किया जाता जिसको आग के हवाले किया गया था , जिन कार सेवकों को बेरहमी से जला दिया गया था क्या वो इंसान नहीं थे ,गोधरा कांड किसकी उपज थी इन विरोधियों ने क्या एक बार भी उनके प्रति सहानुभूति दिखलाई ,इसी दोगली और दोहरी नीति ने सभी सच्चे भारतीयों को जगाया ,उनका भी ज़मीर अपने बंधुओं के लिए जागा जो निरपराध थे । उन कार सेवकों का मुद्दा उठाकर एक बार भी राजनीति नहीं की गयी ,हमारे सैनिकों का सर काट लिया गया ,इस पर भी राजनीति नहीं हुई क्योंकि उनके वोट बैंक की नींव दरक जाती। पूरा बनारस मोदी की सूनामी में लहरा रहा है और बिस्मिल्ला खां के परिवार की शहनाई उनके विरोध में बजी ये क्या सन्देश देता है क्या ये सौतेला रवैया जगने पर मजबूर नहीं करेगा। घर में रहने वाली माएं,बहने,भाभियाँ सबने आँखें खोलकर अपने मत का सही उपयोग किया है । यह परिवर्तन सिर्फ परिवर्तन के लिए ही नहीं बल्कि भारतीय जनता पार्टी का साम्राज्य विस्तारित करने के लिए हुआ है इसी साम्रज्य में सबको समान रूप से समादर मिलेगा ,हम सबको मिलकर इस नए अभियान का अभिनन्दन करना चाहिए । जय हिन्द
                                                                                                 शैल सिंह 

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