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Sunday, May 18, 2014

मैया मोरी ,मोदी बहुत सतायो

           घोटू के पद

 मैया मोरी ,मोदी बहुत सतायो
मोसे कहत ,अभी  बालक हूँ, मैं इटली को जायो
शहजादा,शहजादा कह कर,खूब मजाक  उड़ायो
रैली की रेला पेली में, जगह जगह भटकायो
गाँव गाँव पैदल ही घूम्यो,और दलित घर खायो
मनमोहन को बिल भी फाड़यो ,नाटक खूब दिखायो
राजा बनू चाह थी तेरी ,पर मौको नहीं आयो
अबकी बार मोहे जनता ने ,सस्ते में  निपटायो
वरमाला के बदले मोहे ,हार को हार पहरायो
बाबा कह तेरे चमचों ने ,बाबा मोहे बनायो
अब  मोरी शादी करवा दे,बहुत ही नाच नचायो

घोटू   

3 comments:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
--
आपकी इस' प्रविष्टि् की चर्चा कल सोमवार (19-05-2014) को "मिलेगा सम्मान देख लेना" (चर्चा मंच-1617) पर भी होगी!
--
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक

कविता रावत said...

वरमाला के बदले मोहे ,हार को हार पहरायो
बाबा कह तेरे चमचों ने ,बाबा मोहे बनायो
अब मोरी शादी करवा दे,बहुत ही नाच नचायो
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हाँ अब कुछ बचा ही नहीं शादी के सिवाय
पर आने वाली को लोग बाग बेचारी ही कहेंगे जो ठीक नहीं जम नहीं

बहुत खूब घोंटे हैं

dr.mahendrag said...

वाह भाई वाह घोटूजी