*साहित्य प्रेमियों का एक संयुक्त संघ...साहित्य पुष्पों की खुशबू फैलाता हुआ*...."आप अपनी रचना मेल करे अपनी एक तस्वीर और संक्षिप्त परिचय के साथ या इस संघ से जुड़ कर खुद रचना प्रकाशित करने के लिए हमे मेल से सूचित करे" at contact@sahityapremisangh.com पर.....हम आपको सदस्यता लिंक भेज देंगे.....*शुद्ध साहित्य का सदा स्वागत है*.....

Followers

Saturday, March 8, 2014

महिला दिवस पर


महिला दिवस पर

क्यों एक दिवस ,हर दिन नारी तेरा है
निज का सम्मान कर,यही धन तेरा है
त्याग,त्याग बस त्याग ,न्यौछावर
यह भी कैसा जीवन का कटु फेरा है    
अबला,घरनी,सीता,सावित्री,बहू ,बेटी,
बहन,भार्या,ममता नाम से नवाज कर
इन शब्दों के पद्मविभूषण से चित्र उकेरा है
और अब छलने के लिए एक और उपहार
''हैप्पी वूमेन्स डे'' का ख़िताब दे समाज
 श्रद्धा का कर्ज चुकाकर फिर तुझे ही घेरा है ।
                                                  शैल सिंह


No comments: