*साहित्य प्रेमियों का एक संयुक्त संघ...साहित्य पुष्पों की खुशबू फैलाता हुआ*...."आप अपनी रचना मेल करे अपनी एक तस्वीर और संक्षिप्त परिचय के साथ या इस संघ से जुड़ कर खुद रचना प्रकाशित करने के लिए हमे मेल से सूचित करे" at contact@sahityapremisangh.com पर.....हम आपको सदस्यता लिंक भेज देंगे.....*शुद्ध साहित्य का सदा स्वागत है*.....

Followers

Sunday, March 30, 2014

युग परिवर्तन

         युग परिवर्तन
हमें है याद बचपन में ,पिता से इतना डरते हम ,
कभी मुश्किल से उनके सामने भी सर उठाया था
और बच्चे  आजकल के हो गये है  स्मार्ट अब इतने ,
पूछते बाप से कि मम्मी को कैसे पटाया  था ?

घोटू

No comments: