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Saturday, October 5, 2013

इस जीवन में कितने प्रेशर

           इस जीवन में कितने प्रेशर

माँ बाप हमारे बचपन में ,डाला करते हम पर प्रेशर 
जीवन में आगे बढना है तो बेटा खूब पढाई  कर
एडमिशन अच्छा लेना हो तो काम्पिटिशन का प्रेशर
अच्छा सा जॉब चाहिए तो ,ऊंची पढाई का फिर प्रेशर
मिल गया जॉब ,हालत खराब ,कर देता ,ऑफिस का प्रेशर
तुम ये न करो,तुम यूं न करो ,घर पर है बीबी का प्रेशर
प्रेशर के चक्कर में हम पर ,इतना दबाब बन जाता है
लेती बीमारियाँ घेर हमें ,ब्लड का प्रेशर बढ़ जाता है
प्रेशर लगाओ तब मुश्किल से ,ये पेट साफ़ हो पाता है  
इतना दबाब पड़ता हम पर कि हार्ट वीक हो जाता है
जैसे कि प्रेशर कूकर में हर चीज शीध्र पक जाती है
हम जल्दी पकने लगते  है ऐसी हालत हो जाती  है
बुढापे का पड़ता प्रेशर ,होती बीमारियाँ,तन जर्जर
जीवन में प्रेशर का महत्त्व ,लेकिन रहता है जीवन भर
प्रेशर के कारण ही तो हम ,जीवन में पाते ,  आगे बढ़
प्रेशर से जन्मी बीमारी का एक इलाज एक्युप्रेशर
हो जाते सारे काम शीध्र ,जब ऊपर से पड़ता प्रेशर
जीवन गाडी चलती स्मूथ ,पहियों में सही ,हवा प्रेशर
हम तब तक ही ज़िंदा रहते ,रहता जब तक खूं का प्रेशर
जो प्रेशर से ना घबराते ,वो ही उठ पाते है ऊपर

मदन मोहन बाहेती 'घोटू' 


1 comment:

Darshan jangra said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति.. आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी पोस्ट हिंदी ब्लॉग समूह में सामिल की गयी और आप की इस प्रविष्टि की चर्चा कल - रविवार - 06/10/2013 को
वोट / पात्रता - हिंदी ब्लॉग समूह चर्चा-अंकः30 पर लिंक की गयी है , ताकि अधिक से अधिक लोग आपकी रचना पढ़ सकें . कृपया पधारें, सादर .... Darshan jangra