*साहित्य प्रेमियों का एक संयुक्त संघ...साहित्य पुष्पों की खुशबू फैलाता हुआ*...."आप अपनी रचना मेल करे अपनी एक तस्वीर और संक्षिप्त परिचय के साथ या इस संघ से जुड़ कर खुद रचना प्रकाशित करने के लिए हमे मेल से सूचित करे" at contact@sahityapremisangh.com पर.....हम आपको सदस्यता लिंक भेज देंगे.....*शुद्ध साहित्य का सदा स्वागत है*.....

Followers

Thursday, August 29, 2013

त्रिदेव

                      त्रिदेव

हिन्दू संस्कृति में सदैव
पूजे जाते है तीन देव
जिनका स्थान होता है विशेष
वो है ब्रम्हा ,विष्णू और महेश
सबसे पहले ब्रह्माजी ,जो है सृष्टी के कर्ता ,
जिन्होंने दुनिया को,हमको,आपको बनाया है
पर हमने अपने निर्माणकर्ता को ही भुलाया है
हम कितने संगदिल है
पूरे देश में ,ब्रह्मा जी के, बस एक या दो मंदिर है
और पूरे साल में ,कोई भी नहीं एसा दिन है  विशेष
जिस दिन इनकी होती है पूजा या  अभिषेक
वे परमपिता है
पर आज के युग में पिता को कौन पूछता है ?
दूसरे विष्णू जी ,जो पालन कर्ता है
इन्ही की मेहरबानी से ,सबका पेट भरता है
 जब भी धरती पर अत्याचार बढ़ता है
तो उसे मिटाने,इन्हें अवतार लेना  पड़ता है
बाकी समय ,समुन्दर में,शेषशैया पर,आराम फरमाते है
और अपनी पत्नी लक्ष्मी जी से ,पैर दबवाते है
अकेले मंदिरों में कम नज़र आते है
और अक्सर लक्ष्मी जी के साथ ,
लक्ष्मी नारायण रूप में पूजे जाते है
या फिर अपने राम और कृष्ण के रूप की पूजा करवाते है
इनसे ज्यादा ,इनकी पत्नी के  भक्त है
सारी दुनिया ,लक्ष्मी जी की सेवा में अनुरक्त है
 पर दीपावली को ,सिर्फ लक्ष्मी जी की पूजा होती है ,
विष्णुजी का नाम नदारद रहता है ,ये बात सालती है
पर ये भी  सच  है की पालनकर्ता तो विष्णू है ,
पर असल में लक्ष्मी जी सबको पालती है
तीसरे देवता ,शंकर जी है ,जो हर्ता है ,महादेव कहलाते है
पर कर्ता ,याने लिंग रूप में ज्यादा पूजे जाते है
कहते है ये भोले भंडारी है ,
थोड़ी सी भक्ती में ,जल्दी पिधल जाते है
पूरे देश में,बारह ज्योतिर्लिंगों के रूप में होता है इनका पूजन
अन्य  देवताओं की पूजा के लिए साल में एक दिन,
और इनकी पूजा के लिए पूरा सावन
और तो और ,इनकी 'मेरेज एन्नीवर्सरी 'भी ,
शिव रात्री के रूप में मनाई जाती है
दूर दूर से गंगाजल लाकर ,इन्हें कावड़ चढ़ाई जाती है
ये ही नहीं ,इनके संग  पूजा जाता है इनका पूरा परिवार
और इनके पुत्र गणेशजी ,हर शुभ काम में,
हमेशा प्रथम पूजन के है हक़दार
देश में  सबसे ज्यादा मंदिर इनके
इनकी पत्नी और बेटे गणेश के है
इनके परिवार के लोग ,
सबसे ज्यादा पूजनीय इस देश के है 
ये संहारक है ,इसलिए लोग इनसे डरते है
और इनका मूड गरम न हो जाए  ,
इसलिए जल चढ़ा कर ठंडा रखते है
ये सच है ,भय के बिना होती नहीं प्रीत है
इसीलिए तीन देवों में ये महादेव है ,और इनकी जीत है

मदन मोहन बाहेती'घोटू'

No comments: