*साहित्य प्रेमियों का एक संयुक्त संघ...साहित्य पुष्पों की खुशबू फैलाता हुआ*...."आप अपनी रचना मेल करे अपनी एक तस्वीर और संक्षिप्त परिचय के साथ या इस संघ से जुड़ कर खुद रचना प्रकाशित करने के लिए हमे मेल से सूचित करे" at contact@sahityapremisangh.com पर.....हम आपको सदस्यता लिंक भेज देंगे.....*शुद्ध साहित्य का सदा स्वागत है*.....

Followers

Tuesday, June 4, 2013

रसीले रिश्ते

            रसीले  रिश्ते 
            
                       
               पत्नी 
पत्नियाँ ,फ्रिज में रखी ,घर की मिठाई 
जब भी जी  चाहे ,गरम कर,जाए खायी  
प्यार करती तो लगे मख्खन मलाई 
 सर्दियों से बचाती ,बन कर रजाई 
                 साली 
सालियाँ तो जलेबी ,गरमागरम है 
स्वाद पाने,बनना पड़ता ,बेशरम है 
टेडी मेडी ,रस भरी है, अटपटी  है 
मगर सुन्दर,शोख ,चंचल,चटपटी है 
                 साला 
पत्नी जी का भाई जो होता है साला 
बड़ा तीखा ,तेज है इसमें  मसाला 
अनुभवी जो लोग है ,सब ये कहे है 
इसे खुश रख्खो तो बीबी खुश रहे है 
            सास-ससुर 
सास का अहसास होता बड़ा प्यारा 
जिसे है दामाद ,बेटी से दुलारा 
और ससुर के साथ सुर में सुर मिलाओ 
पत्नी भी खुश,लुफ्त जीवन का उठाओ 

मदन मोहन बाहेती'घोटू'                  

2 comments:

Tamasha-E-Zindagi said...

आज ०४/०६/२०१३ को आपकी यह पोस्ट ब्लॉग बुलेटिन - काला दिवस पर लिंक की गयी हैं | आपके सुझावों का स्वागत है | धन्यवाद!

कालीपद "प्रसाद" said...

बहुत बढ़िया -सुन्दर प्रस्तुति !
latest post मंत्री बनू मैं
LATEST POSTअनुभूति : विविधा ३