*साहित्य प्रेमियों का एक संयुक्त संघ...साहित्य पुष्पों की खुशबू फैलाता हुआ*...."आप अपनी रचना मेल करे अपनी एक तस्वीर और संक्षिप्त परिचय के साथ या इस संघ से जुड़ कर खुद रचना प्रकाशित करने के लिए हमे मेल से सूचित करे" at contact@sahityapremisangh.com पर.....हम आपको सदस्यता लिंक भेज देंगे.....*शुद्ध साहित्य का सदा स्वागत है*.....

Followers

Sunday, April 14, 2013

पति पत्नी का रिश्ता

घोटू के छक्के
पति पत्नी का रिश्ता

कितनी ही होती रहे ,भले रार,तकरार
पति पत्नी के बीच में ,हरदम रहता प्यार
हरदम रहता प्यार ,पति पत्नी है ऐसे
जल संग मछली और बादल संग बिजली जैसे
कह 'घोटू'कविराय ,बड़ा ये रिश्ता पावन
एक दूसरे बिन ना सजते ,सजनी ,साजन
घोटू

3 comments:

देवदत्त प्रसून said...

तन-मन-धन प्राणों का नाता-जीवन साथी का है |
कए कई जन्मों का खाता - जीवन साथी का है ||

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
नवरात्रों की बधाई स्वीकार कीजिए।

Ghotoo said...

bahut bahut dhanywaad