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Tuesday, April 16, 2013

देश की जनता के लिए अपनी कविता द्वारा सन्देश

वैशाखियों का छुड़ा दो बेमतलब आसरा
हमें इतिहास नए सिरे से अब बदलना है
देश की बुद्धिजीवी जागरुक जनता चेतो
माँ की अपेक्षाओं पर खरा अब उतरना है। 

अनाड़ियों के हाथ देश गर्त में,कंगाल हो रहा
जाति-पांति ऊँच-नीच,धर्म व्याह बंधन वास्ते
विनय जात पांत सम्प्रदाय की बात छोड़ें अब
भारत की अस्मिता,यश कीर्ति,तरक्की वास्ते । 

जनता आज मोदी नाम पर एकजुट,एकमत है
मतभेदों में बिखर कर फिर ना बंट जाये कहीं
कहीं ऐसा ना हो गेंद पाले से फिसल मुर्खता से
दुश्मनों के पाले नादानियों से गिर जाये कहीं।

विस्तृत छवि के धनि आडवाणी की शख्सियत
कभी ऐसे ही सिरफिरों बेवकूफों को ऐतराज़ था
विदेशी कठपुतलियों के कर थमा अहम् बागडोर
गिरा गाज सर तबाही का देख रहा नंगा नाच था।

जरा सोचिये ------

जनता विहार कि इस देश का ही अंग है प्यारे
जैसे लालू-राबड़ी से हुआ कटु मोहभंग है प्यारे
गठबंधन धर्म का अपमान ना कीजिये नीतीश
मोदी सन्दर्भ में देते जो बयान देश दंग है प्यारे।   

जनता जनार्दन जताइये जरा नितीश दंभ को
चार दिन का अहंकार इतना अच्छा नहीं होता
स्वाभिमान बहुत ही प्यारी न्यारी चीज दोस्तों
अभिमान खुद पे गुरेज इतना अच्छा नहीं होता। 

चंद मतों को रिझाने की कवायद में क्यूँ उनका
लाल खून पानी इस बेकदर बदजुबानी हो गया
लगता सत्ता की शायद भूख अब इस जिंदगी की
इशारे-इशारे में जनाब आले की कहानी हो गया।  

गठबंधन की तो छोड़ो जी बीजेपी की भी नहीं
लाखों-करोड़ों हार्दिक दिलों की खास चाहत है
सभी की आँखों में क्या विश्व को भी दिख रहा
कि मोदी जी में कैसी सत्ता योग्य बादशाहत है। 

यह जनता विफर गर सचेत हो गयी कहीं
डर है नीतीश औंधे मुंह ना गिर जाएँ कहीं
गहरी खाई ही दिखाई दे आगे ना पीछे कोई
चतुराई जनाबे आली धरी न रह जाये कहीं। 

नोट ---

सुषमा स्वराज का नाम मोदी के मुकाबले  उछालना एक राजनीतिक स्टंट है ये विरोधाभाषी किसी के नाम पर   भी सहमत नहीं होंगे क्योंकि इनकी लपलपाती जीभ खुद सत्ता सुख का स्वाद लेना चाहती है इस पार्टी में और भी दमदार नेता हैं यदि उनका नाम लिया जाय तॊ ये किसी और का नाम सुझाने लगेंगे किसी पर साम्प्रदायिकता का ठप्पा लगाकर दरकिनार कर देंगे तो किसी अयोग्य को योग्य साबित कर देंगे।किसी को मौका ना देकर देश की जनता को अपने विवेक से काम लेना है।जनता को २०१४ के चुनाव में दिखा देना है बहुमत से अपना प्रधान मंत्री चुनकर,ताकि किसी के समर्थन की किसी वैशाखी की जरुरत ना पड़े ,मोदी जी का प्रभावशाली भाषण समां बांध देता है बेबाक बहती हवा का रुख अपनी ओर मोड़ लेता है सब बातों का निचोड़ यही मोदी जी विशाल भारत देश के जनता की पसंद हैं  ना की पार्टी की। यह जनता ही अपने बहुमूल्य मतों से जीताकर नेताओं को संसद तक पहुंचाती है मोदी पार्टी से बढ़कर जनता की मांग हैं तभी तो पार्टी भी मोदी के नाम का पत्ता खोली है,सुषमा जी बेहतर हैं इसमें कोई दो राय नहीं  ।    
                                                           शैल सिंह 





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