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Wednesday, March 6, 2013

प्रियतम ,मैंने बाल रंग लिये

                घोटू के पद
       प्रियतम,मैंने बाल रंग लिये

प्रियतम ,मैंने बाल रंग लिये
तुम काले बालों की रमणी ,बाल हमारे ,श्वेत रंग लिए
कतराती हो ,तुम जाने में,कहीं घूमने ,मुझे संग लिए
मै पागल प्रेमी तुम्हारा ,प्रीत जताता ,मन उमंग लिए
तुम मुझको समझो हो बूढा बहुत दिन हुए ,मुझे अंग लिए 
छोड़ पाजामा ,कुरता ढीला,पहन आधुनिक,वसन तंग लिए
अब मै भी ,जवान दिखता हूँ,चलो घूमने ,मुझे संग लिए
'घोटू'देख ,प्रीत प्रीतम की ,पत्नी लिपटी,प्रीत रंग लिए

मदन मोहन बाहेती'घोटू'

1 comment:

अज़ीज़ जौनपुरी said...

priytam par vyang? sundar prastuti,sahi likha hai