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Tuesday, March 26, 2013

आखिर फाल्गुन आया

1 comment:

Madan Mohan Saxena said...


बहुत सराहनीय प्रस्तुति. आभार !

ले के हाथ हाथों में, दिल से दिल मिला लो आज
यारों कब मिले मौका अब छोड़ों ना कि होली है.

मौसम आज रंगों का , छायी अब खुमारी है
चलों सब एक रंग में हो कि आयी आज होली है