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Sunday, March 17, 2013

कोई डॉक्टर बताये - मुझे क्या हुआ है?

     कोई डॉक्टर  बताये - मुझे क्या हुआ है?

घनीभूत कुछ तरल ,नासिका  छिद्रों में है जमा हुआ
हुआ मार्ग अवरुद्ध ,श्वास का गमन,आगम थमा हुआ
कंठ मार्ग भी वाधित है ,कुछ भी गटको तो करे पीर
शिथिल हुआ तन,आलस छाया ,है परेशान ,ये मन अधीर
जलन चक्षुओं में होती है,मस्तक थोडा भारी है
उष्मित है तन,सुनो चिकित्सक,मुझको कौन बिमारी है
है उपचार कौनसा इस ,व्याधि का मुझको बतलाओ 
शीध्र स्वस्थ हो  जाऊं मै भेषज कुछ ऐसी दिलवाओ

मदन मोहन बाहेती 'घोटू'

1 comment:

Mahesh Barmate said...

काश!
मैं भी कोई डॉक्टर होता
तो आपकी बीमारी का मुझको भी पता होता
मर्ज जान के दवा बतलाता
गर मैं सब जानता
तो कभी इंजीनियर न कहलाता...