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Monday, March 11, 2013

शिवरात्रि व्रत

                  घोटू के पद
                  शिवरात्रि  व्रत

मैंने शिवरात्रि  व्रत राख्यो
सुबह चाय  के संग बिस्कुट ना,ड्राई फ्रूट ही चाख्यो
फलाहार में भोग लगायो,रबड़ी और  हलवा को 
संग कुट्टू की तली पूरियां,और आलू टिकिया को
शाम करयो  सेवन बस पेड़ा ,मावे की गुझिया को
सिर्फ चाय पी या फल को रस,बाकी दिन भर फांको  
फ्रूट क्रीम,श्रीखंड रात में ,मन पर काबू  राख्यो 
और रात को दूध पियो बस ,केसर और पिस्ता को
'घोटू'बहुत कठिन व्रत  करना ,खायो बहुत ज़रा सो

मदन मोहन बाहेती'घोटू'

2 comments:

प्रसन्न वदन चतुर्वेदी said...

सटीक सामयिक अभिव्यक्ति...बहुत बहुत बधाई...

Neeraj Kumar said...

बहुत खूब .
नीरज 'नीर'
मेरी नयी कविता
KAVYA SUDHA (काव्य सुधा)