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Friday, March 8, 2013

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धैर्य साहस विस्वाश की मूर्ति है ,
जीवन में खुशियों  की पूर्ती है
इसके बिना जीवन संभव नहीं
ये माँ ,बहन ,पत्नी रूप की प्रतिमूर्ती है
ऐसी महान अनुक्रती को ,
महिला दिवस के शुभ  अवशर  पर
 प्रदीप की  बारम्बार नमन और स्तुती  है ।

रचनाकार -प्रदीप तिवारी
                                                       

1 comment:

Madan Mohan Saxena said...

बेह्तरीन अभिव्यक्ति.शुभकामनायें.
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