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Thursday, January 3, 2013

Life is Just a Life: हम आज तक बस मांग ही करते रहे हैं क्यों?

Life is Just a Life: हम आज तक बस मांग ही करते रहे हैं क्यों?: आज वक्त केवल चीथड़ा पहने हुए है क्यों , कवि के शब्द आज फिर सहमें हुए है क्यों ? हमारे दिलों में इतना तो घुप्प अँधेरा न था , घर की...

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