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Saturday, December 1, 2012

माँ का त्याग

      पते की बात
    माँ का त्याग
घर में पांच लोग होते थे,,
          पर जब  चार सेव   आते 
तब माँ ही होती जो  कहती ,
          मुझे सेव फल ना भाते   
घोटू

1 comment:

आनन्द विक्रम त्रिपाठी said...

माँ ऐसी ही होती है ,अपना छोड़कर सबका ख्याल रखती है | सुंदर |