*साहित्य प्रेमियों का एक संयुक्त संघ...साहित्य पुष्पों की खुशबू फैलाता हुआ*...."आप अपनी रचना मेल करे अपनी एक तस्वीर और संक्षिप्त परिचय के साथ या इस संघ से जुड़ कर खुद रचना प्रकाशित करने के लिए हमे मेल से सूचित करे" at contact@sahityapremisangh.com पर.....हम आपको सदस्यता लिंक भेज देंगे.....*शुद्ध साहित्य का सदा स्वागत है*.....

Followers

Monday, December 31, 2012

एक गुजारिश



                                  नए वर्ष के लिए क्या मांगूं आत्मा बहुत ही दुखी है जब पूरा देश अपनी बेटी के लिए शोक संतप्त है तो इस सम्बन्ध में बस यही निवेदन .......
एक बात मैं सम्पूर्ण देशवासियों से कहना चाहती हूँ इसे अवश्य शेयर करें/ आजकल विभिन्न न्यूज चैनलों पर जो कुछ सुनाया या दिखाया जा रहा है वह किसके लिए है,समाज में जो सभ्य लोग हैं उनका यह काम नहीं  है  यह घटिया किस्म के लोग हैं जिनपर थूकने का भी मन न करे \यह आवाज उन घिनौने इंसानों तक नहीं पहुँच रही,मैं चाहती हूँ हर मनोरंजक चैनलों पर भी विज्ञापन की जगह समाचार दिखाया जाय क्योंकि बहुत से लोग नाटक,सीरियल के सिवा और कुछ नहीं देखते मैंने  कितने लोगों  से इस बाबत पूछा आश्चर्य हुआ कितने भद्र महिला,पुरुष बच्चों तक को देश में क्या हो रहा है नहीं पता \बसों में स्टेशनों पर डाक्टरों की क्लीनिकों पर जो भी सार्वजनिक जगहें हैं,जहाँ भी टी .वी . की व्यवस्था है केवल समाचार दिखाया जाय ताकि आम जनता तक भी देश की सरगर्मियों की खबर हो और उन्हें भी पता हो की  किसी भी अपराध का क्या हश्र होगा कम से कम समाचारों के माध्यम से उन्हें ज्ञात तो होगा \जिनके लिए ,जिस घिनौनी प्रवृति के लोगों के लिए आज पूरा देश एकजुट है उन तक ये आवाज कभी भी नहीं पंहुचेगी क्योंकि उनके घरों में टेलीविजन नहीं है वो पेपर नही पढ़ते  वो  बहुत गिरे हुये स्तर के लोग हैं \ मेरे इस सुझाव पर भी अमल किया जाय \ 
          एक बात और कहना चाहूंगी ,यदि कोई मां,बहन बेटी अपनी इच्छानुसार किसी के साथ घूम,टहल रही है तो इसका मतलब यह नहीं की वह पब्लिक प्रोपर्टी है और कोई इसका अनुचित फायदा उठाये \ लोगों को अपनी आँखों का चश्मा बदल लेना चाहिए \ 

No comments: