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Monday, April 23, 2012

छोटे बाल

छोटे बाल
(घोटू के छक्के)
            १
तेल बचे,साबुन बचे,कंघी का नहीं काम
गीला सर झट पोंछ लो,सर्दी नहीं जुकाम
सर्दी नहीं जुकाम,जुंवें,फूसी,सब भागे
जल्दी सर न झुकाना पड़े,नाई के आगे
कह घोटू कविराय,बाल छोटे  करवाये
खुला रहे सर,बात समझ में सब कुछ आये
              २
हल्का हल्का सर लगे,कम हो सर पर भार
ना संवार ना सजावट,समय न हो बेकार
समय न हो बेकार,लगे मस्तक भी चोडा
नोच सके ना बाल,अगर झगडा हो  थोडा
'घोटू' ने बालों को छोटा करवा डाला
झिझके मुंडा मुंडाया देख मूंडने  वाला

मदन मोहन बाहेती'घोटू'

1 comment:

veerubhai said...

वाह भैया 'घोटू के छक्के ' हास्य व्यंग्य की कुण्डलिनी से मोहक सोहक सबके .