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Monday, April 2, 2012

काशी से काबा तक यही एक शिक्षा है कि झूठ का त्याग करो और सत्य का अनुसरण करो

अस्-सलामु अलैकुम व ओउम् शांति !

दोस्तो! धर्म और संस्कृति ने बताया है कि ‘झूठ बोलना पाप है‘ और पैग़म्बर हज़रत मुहम्मद साहब स. ने सिखाया है कि झूठ बोलने से आदमी ईमान की हालत में नहीं रहता। 
ग़र्ज़ यह कि काशी से काबा तक यही एक शिक्षा है कि झूठ का त्याग करो और सत्य का अनुसरण करो। 
भारत जब विश्व गुरू था तो हमारा तरीक़ा यही था।
विश्व को हमें यही पाठ पढ़ाना है लेकिन इससे पहले यह पाठ हमें ख़ुद भी दोहराना होगा।
एक अप्रैल के मौक़े पर जम कर झूठ बोला गया।
यह दुखद घटना हिंदी ब्लॉग्स पर भी देखी गई।
अंग्रेज़ अप्रैल फ़ूल मनाते हैं तो इंडियन ब्लॉगर्स की ज़िम्मेदारी यह है कि उन्हें सच्चाई और सदाचार की शिक्षा दी जाए न कि उनके पाप की दलदल में ख़ुद भी छलांग लगा दी जाए।
धर्म संस्कृति की श्रेष्ठता के गुणगायक भी यही करते नज़र आए।
सद्-गुण हमारे जीवन व्यवहार का हिस्सा बनें,
यही हमारा संदेश है और यही हमारा अभियान है।

1 comment:

DINESH PAREEK said...

सुन्दर प्रस्तुति। मेरे नए पोस्ट पर आपका इंतजार रहेगा । धन्यवाद ।
http://vangaydinesh.blogspot.in/2012/02/blog-post_25.html
http://dineshpareek19.blogspot.in/2012/03/blog-post_12.html