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Tuesday, March 13, 2012

"समीक्षा-टूटते सितारों की उड़ान" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

सत्यम् शिवम् ब्लॉगिस्तान की दुनिया में एक ऐसा युवा चेहरा है जिसने अपनी लेखनी के बल पर हिन्दी ब्लॉगिंग में अपनी एक पहचान बनाई है। ये पेशे से अभियन्ता हैं लेकिन शब्दों को भी इन्होंने अपने अभियन्त्रण से नियन्त्रित किया है।
स्वार्थी दुनिया में लोग अपनी कृतियों को ही प्रकाशित करा कर सुख का अनुभव करते हैं लेकिन इन्होंने निःस्वार्थभाव से हिन्दी ब्लॉगिंग के जाने माने बीस रचनाधर्मियों की रचनाओं को एक पुस्तक के रूप में प्रकाशित कराया है। इस काव्य संकलन को इन्होंने नाम दिया है “टूटते सितारों की उड़ान”।
जब इन्होंने मुझसे इस विषय में चर्चा की तो मैं चौंका कि 20 कवियों की काव्य माधुरियों के संकलन का नाम “टूटते सितारों की उड़ान” क्यों रखा गया है। लेकिन मंथन करने के बाद समझ में आया कि इसका शीर्षक बिल्कुल सही रखा गया है। क्योंकि सितारों की किस्मत ही टूटना रही है। और हो भी क्यों नहीं। अन्तर्जाल पर  झिलमिलाते सितारों की उडान कब थम जाए कोई नहीं जानता है। मैंने अपने तीन वर्षों के अनुभवों से यही तो सीखा है!
दो सौ आठ पृष्ठों के इस काव्य संग्रह को उत्कर्ष प्रकाशन, मेरठ ने प्रकाशित किया है। जिसका ISBN 978-81-921666-4-3 है और इसका सम्पादन इं. सत्यम् शिवम् द्वारा किया गया है। यह पेपर बैक संस्करण हैं जिसका मूल्य मात्र 251रुपये रखा गया है।
सम्पादक ने अपनी बात में कहा भी है –
"जीवन संघर्ष का दूसरा नाम है और काव्य सृजन संघर्षरत मन की व्यथा के उदगार....।"
"आज के परिवेश में लोग ऐसा सोचने लगे हैं, जितना ज्यादा दिखावा उतना ज्यादा फायदा। पर इस सन्दर्भ में मेरा सोचना अलग है। मैं ऐसा सोचता हूँ कि जो वाकई सुन्दर है, उत्कृष्ट है उसकी सुन्दरता तो शाश्वत है।.......क्योंकि सफलता कुछ और नहीं बस आत्म संतुष्टि है।"
सम्पादक आगे कहता है कि-
"मैं तुम्हारे रंग में अब रंग गया हूँ,
संग तेरे ही तुझी में ढल गया हूँ।
कौन सी पहचान मेरी कौन हूँ मैं?
तुम हो मेरे या मैं तेरा हो गया हूँ।।".....
"जिसके कारण मैं आज “टूटते सितारों की उड़ान” काव्य का संपादन कर रहा हूँ। बड़ी ही मशक्कत और तल्लीनता के साथ मैंने 20 भावप्रधान कवियों को इस काव्य संग्रह के लिए चुना है। जिनकी भावनाएँ दिल पर गहरा असर करती हैं...।"

"टूटते सितारों की उड़ान" में जिन बीस कवियों की काव्य माधुरियों को स्थान दिया गया है वे हैं-
1-      राज शिवम्
2-      संगीता स्वरूप
3-      रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'
4-      दर्शन कौर धनोए
5-      वन्दना गुप्ता
6-      अशोक शुक्ला
7-      गौरव 'सुमन'
8-      बब्बन पाण्डेय
9-      माहेश्वरी कानेरी
10- नीरज द्विवेदी
11- लक्ष्मी नारायण लहरे 'साहिल'
12- साधना वैद
13- दिव्येन्द्र कुमार 'रसिक'
14- विभोर गुप्ता
15- नील कमल वैष्णव 'अनिश'
16- सुषमा 'आहुति'
17- उदयवीर सिंह
18- प्रदीप कुमार साहनी (दीपक)
19- सत्यम् शिवम्
अन्त में मैं इस संकलन के बारे में इतना ही कहूँगा कि यह एक पठनीय और संग्रहणीय काव्य संग्रह है।
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'
टनकपुर-रोड, खटीमा
जिला-ऊधमसिंहनगर (उत्तराखण्ड)
ई-मेल- roopchandrashastri@gmail.com
वेब साइट- http://uchcharan.blogspot.in/
फोन/फैक्स- 05943-250207, 05943-250129
Mobiles: 
09368499921, 

2 comments:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

समीक्षा पोस्ट को साझा करने के लिए आभार!

Rajesh Kumari said...

bahut behtreen sameeksha ki hai shastri ji aapne aabhar.