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Sunday, February 19, 2012

वैवाहिक जीवन की सफलता के सात सूत्र

वैवाहिक जीवन की सफलता के सात सूत्र
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                        १
सुखमय परिवार का पहला मन्त्र यही है
जो कुछ भी पत्नी कहती कहती है,वही सही है
                        २
पत्नी दुबली हो तो बोलो कनक छड़ी हो
मोटी हो तो यौवन से भरपूर  भरी हो
रूप प्रसंशा कर पत्नी की कहते रहिये,
कभी'चाँद हो,'कभी'फूल हो',कभी'परी हो'
                       ३
सजधज पत्नी पूछे मै लगती हूँ कैसी
कहो न जग में कोई कोई है तुम्हारे जैसी
फ़िल्मी हिरोईन परदे पर लगे  सुहानी
पर तुम्हारे आगे  सब भरती है पानी
                          ४
सुखी रहोगे यदि पत्नी से यह कह पाये
तुमसे अच्छा खाना कोई बना ना पाये
बाकी सब है यूं ही,तुम्हारी बात और है
तुम्हारे खाने का होता स्वाद   और है
                          ५
साला,सास,सालियाँ ये सब पूजनीय है,
इनकी तारीफ़ करिए,इनको आप साधिये
सुख से करना पार अगर जीवन बेतरनी,
पत्नी की तारीफों के पुल,आप बांधिये
                           ६
किसी और औरत की तारीफ़ कभी न करना
सोफे पर सोना पड़ सकता,तुमको   वरना
                            ७
ऑफिस में 'यस सर'यस सर',घर में 'यस मेडम'
तो खुशियों से भरा  रहेगा जीवन  हरदम

मदन मोहन बाहेती'घोटू'

4 comments:

ख़बरनामा said...

अनुपम भाव संयोजन के साथ बेहतरीन अभिव्‍यक्ति ।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत बढ़िया प्रस्तुति
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आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल सोमवार के चर्चा मंच पर भी लगा रहा हूँ! सूचनार्थ!
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महाशिवरात्रि की मंगलकामनाएँ स्वीकार करें।

रचना दीक्षित said...

बेहतरीन अभिव्‍यक्ति.

महाशिवरात्रि की मंगलकामनाएँ.

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') said...

बहुत खूब...:)