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Sunday, January 22, 2012

शायरी

अपनी कुछ शायरी आपके सामने रख रहा हूँ. उम्मीद  करता हूँ . आपको पसंद आएगी.

  



1. वक्त, दवा, दारु अब नही बची हैं मेरे पास
जन्न्त, जुदाई, खामोशी इंतेजार कर रही हैं मेरा


2. कब, कहा और कैसे उससे मोहब्ब्त हो गई .,
जब
, जहा और जैसे पता चला वो किसी और की हो गई

3. शौक था ये मेरा,
के इबादत रोज करुंगा
खुदा का क्या हैं
वो तो सबके दिल मे बसता हैं


4. हम अगर अब तारीफ भी कर दे किसी की तो...
दुनिया उसे भी इजहारे-ए-इश्क समझती हैं


5. मंजिलो के रास्ते पर कभी नजर ना गढाना
कभी प्यार से भी उस राह पर भी कदम बढाना

उसकी चुडियो की खनक पर ना कभी कान लगाना
कभी हाथो को पकडकर उसे पहना भी देना

बंद कमरे मे बैठकर उसके बारे मे ना सोचना
कभी होठो से भी उसे याद कर लेना.

(चिराग )

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