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Thursday, December 29, 2011

प्यार

 

उसने कहा क्या दूर रह सकोगे मुझसे,
मैंने कहा  कभी अलग  था ही नहीं  तुझसे|

उसने कहा मेरे बिन क्या जी पाओगे तुम इस  जग  में ,
मैंने कहा कभी  मेरा दिल अलग था ही नहीं तुझसे |
    
एक बार सोचा था कभी
तभी साशे अटकने सी लगी  थी .....

तभी में समझा  गया था
मेरे जिन्दगी की डोर बधी है बस तुझसे|


       rachanakar-pradeep tiwari
www.pradeeptiwari.mca@gmail.com

2 comments:

Patali-The-Village said...

बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति|
आप को नव वर्ष की शुभकामनाएँ|

Swati Vallabha Raj said...

yahi to hai pyaar...sundar rachna...