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Tuesday, November 15, 2011

जीवन पथ


मुस्कुराहटो को हमने अपना बना लिया|
गमो को हमने सीने मई छुपा लिया|                  
ज़माने वाले तो हमें यू ही मार देते,                          
तो हमने मौत को ही अपना हमसफ़र बना लिया|


रचनाकार --प्रदीप तिवारी
www.pradeeptiwari.blogspot.com          

2 comments:

Ratan Singh Shekhawat said...

शानदार अभिव्यक्ति

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***Punam*** said...

wow...
beautiful...!!