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Thursday, November 3, 2011

गुफ्तगू........


 
आज रात
बस....
अभी-अभी...
चाँद आसमान से
उतर कर आ बैठा
खिड़की में मेरे पास,
और देर रात
हम देखते रहे
एक-दूसरे को,
न जाने कितनी
बातें की हमने ...
जानते हो !
तुम्हारा नाम भी
आया था उसमें
एक बार !!

1 comment:

सागर said...

bhaut hi pyari rachna...