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Monday, October 17, 2011

मौत की आग़ोश में जब थक के सो जाती है माँ

Please See Bloggers' Meet Weekly 13

'माँ' The mother Part 1 


यह एक विशेष भेंट है जो कि हम अपने पाठकों की नज़्र कर रहे हैं।
उम्मीद है कि यह भेंट आप सभी भाई बहनों को ज़रूर पसंद आएगी।

मौत की आग़ोश में जब थक के सो जाती है माँ
तब कहीं जाकर ‘रज़ा‘ थोड़ा सुकूं पाती है माँ
 

2 comments:

Maheshwari kaneri said...

सही कहा...मार्मिक रचना..

संजय भास्कर said...

मार्मिक रचना