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Monday, October 3, 2011

रावण के दस सर

रावण के दस सर
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रावण ,वीर था,और विद्वान था
उसे शास्त्र और शास्त्र  दोनों का ज्ञान था
और उसके दस सर थे
और ये ही मुसीबत की जड़ थे
 एक सर बीच में था,
और एक तरफ चार सर थे ,
और दूसरी तरफ पांच सर थे
इससे उसके दिमाग का बेलेंस बिगड़ गया था,
और वो सीताहरण जैसी हरकत कर गया था
काश उसके नौ या ग्यारह सर होते
और दिमाग का बेलेंस बराबर हो जाता
तो आज उसकी भी तारीफ होती
और वो पूजा जाता

मदन मोहन बाहेती 'घोटू'

4 comments:

डा० व्योम said...

अच्छा लिखा है। " उसे शास्त्र और शास्त्र दोनों का ज्ञान था " को ठीक कर दीजिए " उसे शस्त्र और शास्त्र दोनों का ज्ञान था "

chirag said...

badhia likha hain

***Punam*** said...

sahi kaha aapne.....balancing bahut zaroori hai !

***Punam*** said...

sahi kaha aapne.....balancing bahut zaroori hai !