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Tuesday, October 4, 2011

दशहरे के दिन

दशहरे के दिन
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दशहरे के दिन,वो हमारे घर आये
बोले बच्चे रावण देखने गए हैं,
हमने सोचा,चलो हम आपको ही देख आयें
हमने कहा  सच ,होता बड़ा तमाशा है
रावण को देखने सब जाते हैं,
राम को देखने कोई नहीं जाता है
आप तो हमेशा से रूढ़ियाँ तोड़ते आये है
अच्छा हुआ,आप रावण देखने नहीं गये,
हमारे यहाँ आये है
पर वहां बच्चों को क्या मज़ा आएगा
आप तो यहाँ है,
बच्चों को रावण  कैसे  नज़र आएगा?

मदन मोहन बाहेती 'घोटू'

5 comments:

कविता रावत said...

sach aaj Rawano ki koi kami nahi hai...
badiya samyik vynag prastuti ke liye dhanyavad
Vijayadashmi kee haardik shubhkamna!

chirag said...

bahut khoob
shandar

Patali-The-Village said...

आप सबको दशहरे की शुभकामनाएँ|

anita agarwal said...

ha...ha...ha...ha....bahut khoob

आशा said...

दशहरे पर हार्दिक शुभ कामनाएं |
आशा