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Wednesday, October 5, 2011




हमारी नज़र.....

अच्छाई और बुराई....
हर इंसान में
बराबर से बाँटता है ईश्वर !
कभी....
किसी में थोड़ा ज्यादा..
 किसी में थोड़ा कम,
कभी सोचा है आपने
कि...
आपसे अच्छे से पेश आने वाला
किसी और के लिए
दुखदाई भी हो सकता है,
और आप खुद भी तो
किसी के लिए अच्छे
और किसी के लिए बुरे होते हैं ! 
तो...
किसने  ये हक दिया हमें
कि-
हम नापें,तोलें,तुलना करें
किसी की किसी से
और फिर लग जाये
उस को बदलने में
कभी भीतर  से-
कभी बाहर से,
खुद को नज़रंदाज़ करके
किसी और के
व्यव्हार का नापा-जोखा करें
और फिर...
सीधे-सीधे ये फरमान जारी करे
कि फलां कितना अच्छा है
और फलां कितना बुरा...!
जबकि सामने वाले की तरह ही
अच्छाई  और बुराई
हमारे  भीतर  भी है !!
कभी सोचा है आपने कि....
सामनेवाला भी
हमें हमारी ही नज़र से
देखता होगा........................!!!

1 comment:

मनीष कुमार ‘नीलू’ said...

बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति...|
कभी मौका मिले तो मेरे ब्लाग पर भी आयें।
http://www.mknilu.blogspot.com/