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Thursday, September 22, 2011

आतंक की जननी....


प्रगति !!
प्रगति आतंक की जननी है 
खून तो मानो आतंक है 
पर प्रगति तो धमनी है 
प्रगति ने किया बंदूकों का आविष्कार 
इंसानों ने किया अपनों का ही शिकार 
प्रगति ने ही किया परमाणु अस्त्रों का आविष्कार  
जल गया हिरोशिमा नागासाकी जिसका न कोई आधार 
प्रगति अभी खोज रही थी कैंसर का उपचार 
लो आ गया नया एड्स का भरा पूरा परिवार 
प्रगति ने ही किया है वकील अदालतों का आविष्कार 
बोफोर्स, हवाला चारा करके भी बच गई सरकार 
प्रगति का सबसे बड़ा आविष्कार तो है नोटों की लम्बी तलवार 
जिससे काटो तो ना निकले खून और बचे कातिल हर बार..... 


3 comments:

आशा said...
This comment has been removed by the author.
आशा said...

कुछ पंक्तिया मन को छू गईं |सुन्दर भाव पूर्ण प्रस्तुति |
आशा

NEELKAMAL VAISHNAW said...

आशा जी
बहुत बहुत धन्यवाद