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Tuesday, August 30, 2011

प्यार(love)



ऐसा नहीं की कोई तुझसा हसी नहीं है|
पर जाने कऊ नजरे तुझसे हटती नहीं है|
एक कशिस है तुझमे जो रोकती है मुझको,
दूर कही जाने से टोकती  है मुझको |
ना कर तू ना ना हो न जाये देरी|
करदे तू हा और बन जा तू मेरी |
                                                       
                                                       
                                                         रचनाकार --प्रदीप तिवारी
   ९५८४५३३१६१
  kavipradeeptiwari.blogspot.com
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