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Sunday, August 21, 2011

उम्मीद


एक उम्मीद है लगी,
एक किरण है दिखी,
नये कोंपल है लगे,
नवल कलियाँ है खिली ।
पतझड़ के बाद,
शायद आये ऋतुराज,
ह्रदय में शतत,
एक आशा है जगी ।
युवा शक्ति आज,
है उठ खड़ा हुआ,
आलोक की तलाश,
अब शुरु हो चुकी ।
बदलाव की आये बयार,
रिमझिम-सी हो फुहार,
सुखद एक परिवर्तन की,
विश्वास है जगी ;
राष्ट्र नवनिर्माण की,
एक उम्मीद है लगी ।



5 comments:

sushma 'आहुति' said...

बहुत ही सार्थक उम्मीद है...

सागर said...

sundar rachna...

ईं.प्रदीप कुमार साहनी said...

धन्यवाद सुषमा जी, धन्यवाद सागर जी |

वन्दना said...

बस इसी उम्मीद पर तो दुनिया टिकी है।

NEELKAMAL VAISHNAW said...

उम्मीद इसी एक शब्द पर पूरी कायनात टिकी है मेरे दोस्त बहुत खूब, बहुत ही सुन्दर बधाई हो आपको......